उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की सामाजिक बुद्धि एवं जीवन कौशलों का उनकी शैक्षिक उपलब्धि पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन
Abstract
मैंने अपने इस अध्ययन में उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की सामाजिक बुद्धि, जीवन कौशल तथा शैक्षिक उपलब्धि के बीच विद्यमान संबंध का अध्ययन करने का प्रयास किया है। किशोरावस्था विद्यार्थी के जीवन की वह अवस्था है जिसमें उसके संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक तथा व्यवहारात्मक पक्षों में तीव्र परिवर्तन होते हैं। इस अवस्था में विद्यार्थी केवल विषयगत ज्ञान ही अर्जित नहीं करता, बल्कि वह दूसरों के साथ व्यवहार करना, अपनी भावनाओं को समझना, निर्णय लेना, समस्याओं का समाधान करना, तनाव का सामना करना तथा सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को समायोजित करना भी सीखता है। मैंने अध्ययन में सामाजिक बुद्धि को सामाजिक परिस्थितियों को समझने, अन्य व्यक्तियों के व्यवहार का अनुमान लगाने, उचित सामाजिक प्रतिक्रिया देने तथा पारस्परिक संबंधों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की क्षमता के रूप में देखा है। इसी प्रकार जीवन कौशलों में आत्म-जागरूकता, सहानुभूति, प्रभावी संचार, पारस्परिक संबंध, निर्णय-निर्माण, समस्या-समाधान, रचनात्मक चिंतन, आलोचनात्मक चिंतन तथा तनाव एवं भावनाओं से निपटने की क्षमता को प्रमुखता दी है। मेरे अध्ययन का केंद्रीय विचार यह है कि यदि विद्यार्थी सामाजिक परिस्थितियों को समझने तथा अपने व्यवहार को नियंत्रित करने में सक्षम है और उसके जीवन कौशल विकसित हैं, तो उसके विद्यालयी व्यवहार, अध्ययन-अभिप्रेरणा, कक्षा में सहभागिता, समस्या-समाधान तथा शैक्षिक उपलब्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Keywords
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BODHIVRUKSHA JOURNAL OF DIVERSE DISCIPLINE