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BODHIVRUKSHA JOURNAL OF DIVERSE DISCIPLINE

ISSN: 3139-1486 (Online) Impact Factor : 6.21 ESTD Year : 2025
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में पंडित मदन मोहन मालवीय जी के शिक्षा दर्शन की वर्तमान शिक्षा में प्रासंगिकता का अध्ययन

Abstract

पंडित मदन मोहन मालवीय जी का शिक्षा दर्शन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) दोनों भारतीय शिक्षा प्रणाली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मालवीय जी ने शिक्षा को केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के नैतिक और सांस्कृतिक विकास का एक साधन माना। उनके दृष्टिकोण में भारतीय संस्कृति, नैतिकता, और ज्ञान के साथ-साथ तकनीकी विकास का समन्वय किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य शिक्षा को समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जोड़ना है। NEP 2020 में शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा को महत्व दिया गया है, जो मालवीय जी के दृष्टिकोण के अनुकूल है। मालवीय जी का मानना था कि शिक्षा का मूल मंत्र व्यक्ति का सर्वांगीण विकास है, जिससे वह समाज में आदरणीय और विश्वास पात्र बन सके। इसी प्रकार, NEP 2020 भी विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक विकास पर जोर देती है, ताकि वे सच्चाई और ईमानदारी से जीवन व्यतीत कर सकें। इस अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि मालवीय जी के शैक्षिक सिद्धांत और NEP 2020 के उद्देश्य एक-दूसरे के पूरक हैं। इन दोनों का समन्वय भारतीय शिक्षा को एक नई दिशा देने में सहायक होगा, जो न केवल छात्रों को ज्ञान और कौशल प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और सक्रिय नागरिक बनाने में भी मदद करेगा।

Keywords

पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) भारतीय शिक्षा दर्शन समग्र शिक्षा (Holistic Education)

How to Cite This Article

श्रीवास्तव, �. (2026). राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में पंडित मदन मोहन मालवीय जी के शिक्षा दर्शन की वर्तमान शिक्षा में प्रासंगिकता का अध्ययन. Bodhivruksha Journal of Diverse Discipline, 2(4), 7-13.. https://doi.org/10.5281/zenodo.21224026

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